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दूध कैसे पीना चाहिए

दूध कैसे पीना चाहिए

BY Admin Date: 2020-05-04

How, How Much and When to Drink Milk

मनुष्य के जीवन में दूध सबसे महत्वपूर्ण आहार माना जाता हैं।

क्योंकि पैदा होते ही सबसे पहले जो भोजन के रूप में दूध ही जाता हैं।

दूध एक ऐनिमल प्रोडेक्ट हैं जो की हमें जीवित पशु के जरिए प्राप्त होता हैं और वो सभी चीजें जो हमें जीवित प्राणी के जरिए मिलती हैं उनके हॉर्मोनेस् में अमिनो एसिड और एंजाइम्स की मात्रा अधिक होती हैं इन्हें सही समय पर खाना होता हैं।

क्योंकि भोजन में फर्मियनटेड चीजों और पशुओं से मिलने वाले प्रोडेक्ट की केमिकल रिएक्शन करने की टेंडेंसी बहुत ज्यादा होती हैं दूध अपने आप में एक संपूर्ण आहार के बराबर होता हैं और इंसान के लिए ऐसे कई पोषक तत्व हैं जो हमे केवल दूध से ही भरपूर मात्रा में मिल सकते हैं।

इसलिए कहा जाता हैं की जो लोग रोजाना दूध नही पीते उन्हें 40 की उम्र के बाद कई तरह की प्रॉब्लम फेस करनी होती हैं और बढ़ती उम्र के बच्चो को दूध अवश्य पीना चाहिए इसके लिए हमें नियम पता होना जरूरी हैं।

कई लोगो के दूध पीने के बाद भी शरीर पर इसका कोई असर नही होता और दूध ठीक तरह पचता नही  हैं।

ऐसी बहुत से चीजें हैं जिनका सेवन दूध पीने के और बाद मे अगर किया जाए तो उनकी वजह से होने वाले केमिकल रिएक्शन का हमारे शरीर पर हानिकारक असर हो सकता हैं और ऐसी कई बीमारियां हैं जिनका होने का कारण दुध का गलत समय पर गलत चीजों के साथ सेवन करने से होता हैं।

पेट, पाचन, पेशाब और त्वचा के रोग सबसे ज्यादा दूध के गलत सेवन करने पर ही होते हैं इसलिए जितना जरूरी हमारे लिए दूध पीना हैं इससे कई ज्यादा जरूरी इससे जुड़े नियम भी हैं सही तरीके से अगर दूध पिया जाए तो केवल एक मात्र दूध ही सभी पोषक तत्वों की कमी को पुरा करके व्यक्ति को लम्बे समय तक निरोग और ताक़तवर बनाये रखने के लिए काफी होता है।

दूध का किस समय पर और कैसे सेवन करना चाहिए ?

किन किन चीजों के साथ दूध का सेवन नही करना चाहिए ?

अलग अलग बीमारियों में दूध को दवाई के तरह इस्तेमाल करना चाहिए ?

दूध पचता नही तो उसे पचाने के लिए क्या करें ?


1-दूध कब नही पीना चाहिए ?


खाना खाने के बाद दूध अपने आप में एक संपूर्ण आहार हैं।

खाना खाने के बाद दूध पीना दोबारा भोजन करने जैसे होता हैं क्योंकि दूध को पचने में काफी समय लगता हैं और भोजन के बाद दूध पी लिया जाए तो इससे शरीर भारी लगने लगता हैं पेट ज्यादा भरा हुआ लगता हैं और भोजन पचने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती हैं

यदि भोजन के तुरन्त बाद दूध पीना ही हो तो भोजन और दूध की मात्रा आधी कर ले उदाहरण के लिए तीन चपाती और एक ग्लास दूध पीना चाहते हैं तो इस स्थिति में चपाती की मात्रा को 1/2 कर दे और आधा ग्लास दूध पिये केवल ऐसा करने से ही भोजन ठीक तरह से पच पायेगा लेकिन इससे बेहतर तरिका हैं की भोजन करने और दूध पीने के बीच में दो घंटे का अंतराल रखे

खट्टे फल और नमकीन

दूध पीने के पहले और बाद खट्टी चीजों का सेवन जैसे निंबु, अचार, चटनी आदि का सेवन और साथ नमकीन, मसाले, चटपटे स्नैक्स आदि को दूध पीने से पहले और बाद अवोइड करें दूध का इन सब चीजों का मेल नही बनता शरीर में जाकर ये आपस में मिलते हैं केमिकल कंपाउंड अलग होने की वजह से पेट में गड़बड़ होने की संभावना बढ़ जाती हैं।

पेट से आवाज़ आना गैस, ऐसिडिटी, ब्लौटिंग, पेट दर्द और पेट फूलना दूध के साथ खट्टी व नमकीन चीजों का करने से समस्या हो सकती हैं।

प्याज और बैंगन

दूध का केमिकल कंपाउंड प्याज और बैंगन के विरुद होता हैं।

इसलिए यदि आप भोजन में बैंगन और सलाद में कच्चे प्याज का सेवन करते हैं तो कम से कम दो घंटे बाद ही दूध का सेवन करें इन दोनों का दूध के साथ मिश्रण होने से अलग अलग स्किन एलर्जी और त्वचा रोग होने की समस्या बढ़ जाती हैं।

मछली एवं नॉन-वेज

मछली और नॉन-वेज ऐसा माना जाता हैं, की मछली खाने के बाद दूध पी लिया जाए तो इससे चेहरे पर सफेद धब्बे और निकोडर्मा जैसी बीमारियां होने लगती हैं।
 
हालाँकि ऐसा साइंसटिफीक्ली साबित नही हुआ हैं लेकिन फिर भी मछली और नोन वैज या बाद मे दूध का सेवन करना वैसे भी एक सही निर्णय नही हैं।

दूध अपने आप में कैल्शियम और प्रोटीन होता हैं और साथ ही मछली मास में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती हैं मास और दूध दोनों ही काफी हैवी होते हैं इनके कारण एक साथ पचाने में आंतों को ज़रूरत से ज्यादा महंत करनी पड़ती हैं।

त्वचा रोगों से ज्यादा इससे पाचन की रोग होने की संभावना हो सकती हैं

दूध में जब दही मिलाया जाता हैं तो दूध दही के साथ केमिकल रिएक्शन करके उस भी दही में बदल देता हैं इन दोनों का साथ में ही सेवन करते हैं तो यह प्रक्रिया पेट में ही शुरू हो जाती हैं और पाचन में गड़बड़ी होना शुरू हो जाती हैं। 

2-दूध कब और किस समय पीना चाहिए ?


आयुर्वेद के हिसाब से दूध हमें रात में पीना चाहिए दूध के अंदर ट्रीप्टोफन नामक अमीनो एसिड होता हैं जो दिमाग और बॉडी को शांत करके अच्छी नींद लाने में मदद करता हैं।

रात के एक लंबे अंतराल में जब हम कुछ नही खाते तो हमारे शरीर में दूध का असर सबसे ज्यादा होता हैं और जो लोग रात में दूध पीते हैं उनका पेट सुबह अच्छे से साफ हो जाता हैं।

दिन में दूध पीने से उसके सभी नुट्रिएंट्स हमें पूरी तरह नही मिल पाते रात में दूध का सेवन करते समय भोजन की मात्रा कम रखे और खाने के दो घण्टे के बाद ही दूध पीना चाहिए।

गाय का दूध पीना सबसे बेहतर होगा लेकिन आप वज़न बढ़ाकर थोड़े मोटे होना चाहते हैं ऐसे में भैंस के दूध का सेवन करना सही होगा ताक़त और पोषक तत्वों के नजरिये से देखा जाए तो गाय का दूध भैंस के दूध से ज्यादा बेहतर होता हैं क्योंकि इसका असर हमारे बाल, स्किन, हड्डियों और दिमाग पर पड़ता हैं।

भैंस का दूध सामानिये दूध के मुकाबले शरीर में कफ की मात्रा को बढ़ाता हैं।

ये केवल शरीर में वज़न बढ़ाने के काम आता हैं।

हमेशा आप गाय का दूध पिये और गाय में आप गीर गाय का दूध A2 दूध अरेंज कर सके तो यह किसी अमृत से कम नही गीर गाय का दूध सबसे हेल्थि और लौं फैट, हाई ऐनर्जी और बेहद शक्तिशाली होता हैं।

घीर गाय का दूध थोड़ा महंगा होता हैं क्योंकि इसका एक ग्लास आम दूध के पांच ग्लास के बराबर शक्ति होती हैं।

ये वज़न घटाने के लिए भी बहुत लाभदायक होता हैं।

3- दूध कभी भी ठंडा नही पिये


क्योंकि इनके पचने की गति धीमी होती हैं और जब हम ठंडा दूध पीते हैं तो इसकी गति और धीमी हो जाती हैं जिससे पेट खराब हो जाता हैं।

दूध को थोड़ा हल्का गर्म कर ले या सामान्य तापमान पर इसका सेवन करें और इसमें देसी खान, मिश्री, शहद, चीनी दूध मिलाकर पीना बिल्कुल भी लाभकारी नही होता क्योंकि चीनी दूध के पोषक तत्वों को नष्ट कर देती हैं और साथ ही हमें चीनी वाला दूध पचाने में मुश्किल भी होती हैं।

दूध केवल बच्चों को नही हर उम्र के लोगो को होती हैं।

दूध कैसे पीना चाहिए 

मुझे उम्मीद है की आपको हमारी यह पोस्ट दूध कैसे पीना चाहिए जरुर पसंद आई होगी. हमारी हमेशा से यही कोशिश रहती है की पढ़ने वाले को दूध कैसे पीना चाहिए के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दूसरी websites या internet में उस इस जानकारी के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं रहे। 

इससे आपके समय की बचत भी होगी और एक ही जगह पर सारी जानकारी भी मिल जाये. यदि आपके मन में इस पोस्ट को लेकर कोई भी शंका हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तो इसके लिए आप निचे कमैंट्स में लिख सकते हैं। 

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इस पोस्ट को इंग्लिश में पढ़े Right Way Of Drinking Milk

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